सरसों और सोया तेल की कीमतों में नरमी की संभावना – एसएमसी

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सोयाबीन वायदा (अप्रैल) में शॉर्ट कवरिंग (जवाबी खरीद) को 3,677 रुपये के स्तर पर रुकावट रहने की संभावना है।

सोया तेल और सोयाबीन के फिजिकल बाजारों में पेराई मिलों की ओर माँग में नरमी बरकरार रह सकती है।

सोया तेल वायदा (अप्रैल) की कीमतों के 735 रुपये के सहारा स्तर से नीचे टूटने की संभावना है और घरेलू बाजारों में आयातित खाद्य तेलों की ओर से बढ़ती आपूर्ति के कारण कीमतों में 731 रुपये तक गिरावट हो सकती है। कमजोर वैश्विक रुझानों और घरेलू बाजार में कमजोर माँग के कारण हाजिर बाजारो में सोया तेल और सोयाबीन की कीमतों में नरमी का रुझान है। सोयाबीन की कीमतें 3,625-50 रुपये के दायरे में हैं, जबकि संयंत्र आपूर्ति के लिए सोया तेल की कीमतें 3,750 रुपये प्रति क्विंटल हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में नरमी के रुझान के कारण सीपीओ वायदा (मार्च) की कीमतों में गिरावट जारी रहने की संभावना है और कीमतें 512 रुपये तक लुढ़क सकती हैं। भारत में पाम ऑयल की आपूर्ति पर्याप्त है, जिससे घरेलू खाद्य तेल की कीमतों पर दबाव पड़ रहा है। 2018-19 में पाम ऑयल का आयात रिकॅार्ड स्तर पर पहुँच जाने की संभावना है। नवंबर 2018 से फरवरी 2019 के बीच पाम ऑयल का कुल आयात पिछले वर्ष की समान अवधि के 30,34,514 टन की तुलना में मामूली बढ़ोतरी के साथ 30,70,466 टन हुआ है। सोया तेल की कीमतों में नरमी और कमजोर रुझानो के कारण मलेशियन पाम ऑयल की कीमतों में गिरावट जारी है।

इसी बीच सरसों वायदा (अप्रैल) की कीमतों में 3,700 रुपये तक नरमी का रुझान जारी रहने की संभावना है। मौजूदा सीजन में सरसों का उत्पादन अधिक होने का अनुमान है और आगामी महीने में सरसों की आवक में तेजी आ सकती है।

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